केंद्रीय बैंक ने अगले साल महंगाई बढ़ने की आशंका जताई है। बैंक के अनुसार, सबसे खराब स्थिति में, महंगाई दर अगले वर्ष पाँच प्रतिशत तक पहुँच सकती है। इसका मतलब है कि परिवारों को सर्दियों में आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ेंगी। यह पूर्वानुमान घरेलू बजट पर असर डाल सकता है और खर्च करने की क्षमता को कम कर सकता है। बैंक ने इस स्थिति से निपटने के लिए अभी कोई विशेष उपाय नहीं बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता इस महंगाई को बढ़ावा दे सकते हैं। सरकार और केंद्रीय बैंक इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
