इराकी आर्थिक विशेषज्ञ ज़ियाद अल-हशेमी ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रीय मुद्रा को बदलने और तीन शून्य हटाने की प्रस्तावित योजना भ्रष्ट धन को फंसा सकती है। यह पुनर्मूल्यांकन दिनार को मजबूत करने और आर्थिक स्थिरता लाने का प्रयास है। हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ बाधाएं भी हैं जिनका समाधान करना आवश्यक है। इस कदम से लेन-देन आसान होने के साथ-साथ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय काले धन पर लगाम कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पुनर्मूल्यांकन की सफलता के लिए सरकार को सावधानीपूर्वक योजना और प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता होगी। यह योजना इराकी अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।