इराक तेल उत्पादन बढ़ाने और युद्ध के दौरान हुई कमी को पूरा करने के लिए ओपेक छोड़ने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, बगदाद ओपेक के प्रतिबंधों के बावजूद तेल निर्यात बढ़ाने का प्रस्ताव देख रहा है। यह कदम इराक की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और तेल राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है। ओपेक के नियमों का पालन करने से इराक के तेल उत्पादन पर सीमाएं लगी हुई हैं, जिससे देश की आर्थिक विकास की गति धीमी हो रही है। यदि इराक ओपेक छोड़ता है, तो वह अपनी उत्पादन क्षमता के अनुसार तेल का उत्पादन करने के लिए स्वतंत्र हो जाएगा। इस फैसले का वैश्विक तेल बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, इराक सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और अंतिम निर्णय जल्द ही लिया जा सकता है।
