विश्व बैंक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2025 में इराक गैस जलाकर बर्बाद करने वाले दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होगा। रूस और ईरान इस मामले में इराक से आगे रहेंगे। यह डेटा दर्शाता है कि इराक अपनी प्राकृतिक गैस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बर्बाद कर रहा है, जिसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन या अन्य औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता था। गैस जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है, क्योंकि इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है जो जलवायु परिवर्तन में योगदान करते हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए इराक सरकार पर दबाव बढ़ रहा है ताकि गैस के बेहतर उपयोग के लिए कदम उठाए जा सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि गैस को कैप्चर करने और उपयोग करने से इराक को आर्थिक रूप से लाभ हो सकता है और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। यह मुद्दा इराक की ऊर्जा नीति और सतत विकास लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है।