इराक़ कुर्दिश प्रधानमंत्री मसरूर बारज़ानी के कार्यालय पर हुए ड्रोन हमले की जांच कर रहा है। ईरान ने इस हमले को ‘झूठा झंडा’ कार्रवाई बताते हुए चेताया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अशांति फैलाना है। तेहरान ने सीज़फायर के दौरान इराक़ी कुर्दीश विपक्षी समूहों पर बमबारी जारी रखी थी। ईरान का मानना है कि यह हमला ‘बेवकूफी भरा’ है और ‘विघटन बोने’ का प्रयास है। यह घटना स्वायत्त क्षेत्र के नेता पर हुए हमले के बाद सामने आई है। जांच का उद्देश्य हमले के पीछे के षड्यंत्रकर्ताओं की पहचान करना और उन्हें न्याय के कटघरे में लाना है। इस हमले से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।