इराक वर्तमान में एक गंभीर वित्तीय और तरलता संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलने में देरी हो रही है। तेल निर्यात में आने वाली कठिनाइयों के कारण तेल से होने वाली आय में गिरावट आई है, जिससे यह संकट उत्पन्न हुआ है। यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है और नागरिकों के जीवन यापन को कठिन बना रही है। सरकार इस समस्या को हल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं मिल पाया है। इस संकट के कारण सार्वजनिक सेवाओं के सुचारू रूप से संचालन में भी बाधा आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में सुधार और वित्तीय प्रबंधन में सुधार से ही इस स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। यह संकट इराक की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।