ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के साथ एक प्रारंभिक समझौते को अपनी स्वीकृति दे दी है। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले वह इस समझौते के विरोध में थे। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने उन्हें इस निर्णय के लिए राजी किया। राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि यह समझौता ईरान के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा करेगा। साथ ही, उन्होंने "प्रतिरोध मोर्चे" (front of resistance) के हितों को सुरक्षित रखने का वादा किया। इसी आश्वासन के बाद खामेनेई ने अपना रुख बदला। यह घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
