ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सय्यद मोज़्तबा होसैनि खमेनी ने हिज़्बुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने प्रतिरोध मोर्चे के लिए ईरान के समर्थन को एक “रणनीतिक जनादेश” बताया है। यह बयान ईरान की नीतिगत स्थिति को स्पष्ट करता है, जिसके अनुसार वे हिज़्बुल्लाह को महत्वपूर्ण रणनीतिक समर्थन प्रदान करते हैं। खमेनी ने इस समर्थन को अपनी विदेश नीति का एक अभिन्न अंग बताया है। यह समर्थन क्षेत्र में ईरान के प्रभाव और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक माना जाता है। पत्र में प्रतिरोध मोर्चे की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ज़रूरी बताया गया है। इस बयान से ईरान और हिज़्बुल्लाह के बीच घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि होती है।