ईरान में अमेरिकी डॉलर की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है, अब एक डॉलर 20 लाख रियाल के बराबर है। प्रतिबंधों और अमेरिका-इज़राइल के तनावपूर्ण संबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों के लिए जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। प्रतिबंधों ने ईरान के व्यापार और वित्तीय प्रणाली को बाधित कर दिया है, जिससे मुद्रा का अवमूल्यन हुआ है। इस स्थिति से देश में महंगाई बढ़ गई है और लोगों की क्रय शक्ति कम हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो ईरान की अर्थव्यवस्था और भी बदतर हो सकती है। सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए कुछ उपाय किए हैं, लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं देखा गया है।