ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर घलीबाफ ने ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुए समझौते को अमेरिकी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध और शक्ति का नतीजा बताया है। उन्होंने इसे “अमेरिकी हार की घोषणा” क़रार दिया है। घलीबाफ के अनुसार, यह समझौता ईरान की दृढ़ता और रणनीतिक धैर्य का प्रमाण है। उनका कहना है कि ईरान ने अपनी राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए यह समझौता हासिल किया है। इस समझौते के माध्यम से, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति को मजबूत किया है। घलीबाफ ने जोर देकर कहा कि यह समझौता ईरान की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण सफलता है और देश के विकास के लिए नए रास्ते खोलेगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
