वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नए प्रमुख अहमद वहीदी ने अमेरिका के साथ वार्ता के दौरान ईरान के शीर्ष नेताओं की आपत्तियों के बावजूद अधिक कठोर रुख अपनाने पर जोर दिया। वहीदी ने ईरान और लेबनान के बीच संबंधों को वार्ता का हिस्सा बनाने की वकालत की, और इजराइल तथा खाड़ी देशों पर हमले का समर्थन किया। ईरान के विदेश मंत्री और राष्ट्रपति ने इस रुख का विरोध किया था, लेकिन वहीदी ने अक्सर उन्हें दरकिनार कर दिया। रिपोर्ट से पता चलता है कि वहीदी के इस रवैये से ईरान की विदेश नीति पर आईआरजीसी का प्रभाव बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है। इस रिपोर्ट से भविष्य की वार्ताओं पर भी असर पड़ सकता है।