पूर्व इजरायली सैन्य अधिकारी एलीएज़र (चैनी) मरोम ने ईरान के साथ संभावित समझौते पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन तेजी से बढ़ा रहा है। मरोम के अनुसार, इजराइल में इस खतरे के गंभीर परिणामों को छिपाया जा रहा है, लेकिन वे बहुत बड़े हैं। उनका मानना है कि ईरान की मिसाइल क्षमता इजराइल के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस समझौते से ईरान की मिसाइल गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं लग पाएगा। मरोम ने इस स्थिति को लेकर इजरायली सरकार की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता को इस खतरे की गंभीरता के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।