ईरान के सेना प्रमुख ने शुक्रवार को कहा कि सशस्त्र बलों की युद्ध शक्ति और देश के रक्षा उद्योग के बीच संबंध ने दुश्मनों को अपनी गणना बदलने और अंततः युद्ध का राजनीतिक समाधान स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने बताया कि ईरान की बढ़ती सैन्य क्षमता ने विरोधियों को सैन्य विकल्पों पर पुनर्विचार करने पर मजबूर किया है। इस आत्मनिर्भरता ने ईरान को अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने और विदेशी निर्भरता को कम करने में सक्षम बनाया है। सेना प्रमुख ने जोर देकर कहा कि यह विकास क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। उनका बयान ईरान के रक्षा उद्योग में हालिया प्रगति के बीच आया है। यह प्रगति ईरान को अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और बाहरी धमकियों का मुकाबला करने में सहायता करती है। इससे ईरान की रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई है और बातचीत की मेज पर उसका प्रभाव बढ़ा है।