ईरान में इस्लामिक क्रांति के नेता ने प्रतिरोध के गौरवशाली रास्ते को जारी रखने पर बल दिया है। यह बात इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) कुद्स फ़ोर्स के कमांडर जनरल इस्माइल घानी ने कही। उन्होंने बताया कि नेता का मानना है कि प्रतिरोध का मार्ग जारी रहना चाहिए। घानी ने इस संबंध में कोई और जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने प्रतिरोध की अहमियत पर ज़ोर दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और उसके सहयोगी क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। प्रतिरोध को ईरान अपनी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है, और इसे पश्चिमी और इजरायली प्रभावों के खिलाफ एक साधन के रूप में देखता है। इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान प्रतिरोध की अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा।