ईरानी नेता अयातुल्ला सय्यद मुज्तबा खामenei ने इस्लामाबाद सहमति पत्र के उल्लंघन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस उल्लंघन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अविश्वसनीय और अमान्य हैं। नेता ने जोर देकर कहा कि इस तरह के उल्लंघन से अमेरिका के साथ किसी भी समझौते पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है। इस बयान को अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह घटनाक्रम द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नेता के इस बयान का उद्देश्य अमेरिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की स्थिति को कमजोर करना है। यह बयान ईरान की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देता है।

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