ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना के कमांडर ने शनिवार को अमेरिका और इजराइल के खिलाफ "दिव्य प्रतिशोध" लेने की कसम खाई। उन्होंने कहा कि यह प्रतिशोध जल्द ही लिया जाएगा। यह बयान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की रक्षा कर रही उनकी सेनाओं द्वारा दिवंगत नेता के मार्ग पर चलने की शपथ लेने के बाद आया है। कमांडर ने अमेरिका और इजराइल के कार्यों को चुनौती देने और उनका मुकाबला करने की अपनी सेना की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इस बयान से मध्य पूर्व में पहले से ही व्याप्त तनाव बढ़ने की आशंका है। आईआरजीसी नौसेना क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस प्रतिशोध की कसम क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर निहितार्थ रखती है।