ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने कुवैत में अली अल-सलेम वायुसेना अड्डे पर स्थित एक बड़े अमेरिकी गोला-बारूद डिपो पर उन्नत भारी हमले वाले ड्रोन से निशाना साधा। यह हमला 'ऑपरेशन Nasr 2’ के 27वें चरण का हिस्सा बताया गया है। IRGC के अनुसार, यह हमला आज सुबह किया गया था और इसका लक्ष्य अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मौजूद हथियारों का बड़ा भंडार था। अभी तक इस हमले पर अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस घटना से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका है। ईरान ने अतीत में भी इस तरह के हमले किए हैं, जिनका उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगियों को क्षेत्र में कमजोर करना रहा है। इस नवीनतम हमले से क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।