एक ट्रैकिंग फर्म के अनुसार, ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ खो रहा है, क्योंकि ८०% से ज़्यादा जहाज़ अब इस मार्ग से बचने लगे हैं। यह बदलाव लाल सागर में हूती हमलों के कारण हुआ है, जिससे जहाज़ों को वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने पर मजबूर होना पड़ा है। जहाज़ अब अफ्रीका के आसपास लंबे रास्ते से जा रहे हैं, जिससे परिवहन लागत बढ़ गई है, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति ईरान के लिए आर्थिक और रणनीतिक चुनौती खड़ी कर सकती है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और इस पर ईरान का नियंत्रण क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करता है। मार्ग बदलने से ईरान के राजस्व में कमी आ सकती है और उसकी भू-राजनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है। यह घटनाक्रम वैश्विक शिपिंग उद्योग और ऊर्जा बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।