ईरान की एक्सपीडिएंसी काउंसिल के प्रमुख अयातुल्ला सादेघ अमोली-लारीजानी ने हालिया युद्ध पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि 13 से 24 जून 2025 तक चले इस संघर्ष में शहीदों के रक्त ने देश को एकजुट किया है। उनके अनुसार, इस बलिदान ने ईरानी जनता के बीच प्रतिरोध की भावना को और अधिक सशक्त बनाया है। यह युद्ध इजरायल द्वारा थोपे गए आक्रमण के परिणामस्वरूप हुआ था। लारीजानी ने इस कठिन समय में राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बलिदान देश की संप्रभुता और संकल्प को मजबूत करते हैं। यह बयान ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता के संदर्भ में दिया गया है।