ईरान में आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ईरानी रियाल की क्रय शक्ति इतनी कमज़ोर हो गई है कि नागरिक डॉलर और सोने को प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। देश में मुद्रास्फीति 70 प्रतिशत तक पहुँच गई है, जिससे आम लोगों के लिए जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। यह स्थिति ईरानी अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है और सरकार के लिए स्थिति को संभालने का दबाव बढ़ रहा है। लोग अपनी बचत को बचाने के लिए डॉलर और सोने में निवेश कर रहे हैं, जिससे रियाल का मूल्य और भी गिर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार आर्थिक सुधारों को लागू नहीं करती है। ईरान की अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और घटते तेल मूल्यों से भी प्रभावित है।