ईरान के राजदूत, अब्दोर्रज़ा रहमानी फाज़ली ने चीन में दिए एक बयान में संयुक्त राज्य अमेरिका पर अविश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने वादों को पूरा करने में विफल रहा है, जिसके कारण ईरान को जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। राजदूत ने जोर देकर कहा कि ईरान केवल तभी प्रतिक्रिया करता है जब उसे अमेरिका से हमला होता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चीन इस मामले में बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच आया है। राजदूत ने अमेरिका की नीतियों पर निराशा व्यक्त की और चीन से राजनयिक प्रयासों में सक्रिय होने का आग्रह किया। यह बयान अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।