ईरान में गायिका परस्तु अहमदी और उनके बैंड के आठ सदस्यों को सार्वजनिक रूप से गाने और हिजाब न पहनने के आरोप में 74 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। अहमदी ने एक वीडियो के साथ लिखा था कि वह अपने देश और लोगों के लिए गाना चाहती हैं। इस फैसले को ईरान में महिलाओं और कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बढ़ते दबाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों और मीडिया का कहना है कि यह सजा इस्लामी गणराज्य में महिलाओं के अधिकारों के हनन का प्रमाण है। यह मामला ईरान में सांस्कृतिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों पर चल रही बहस को और तेज कर सकता है। सजा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह घटना ईरान में महिलाओं के जीवन और कला पर नियंत्रण की कोशिशों को उजागर करती है।