तेहरान में, ईरानी शोधकर्ता, पत्रकार और वर्जीनिया टेक के पीएचडी उम्मीदवार यूसुफ अज़ीज़ी ने स्थानीय ईरानी मीडिया को अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा अपनी मनमानी और क्रूर हिरासत के बारे में बताया। अज़ीज़ी ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत की परिस्थितियों का विस्तृत विवरण दिया, जिसे उन्होंने “मनमाना” बताया। उन्होंने इस अवधि के दौरान कथित दुर्व्यवहार और अमानवीय व्यवहार पर भी प्रकाश डाला। यह मामला अमेरिकी आव्रजन नीतियों और ईरानी नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठाता है। अज़ीज़ी की कहानी ने ईरान में चिंता पैदा कर दी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। यह घटना अमेरिकी न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल देती है।