ईरान के संसद अध्यक्ष ने राष्ट्रपति रूहानी के साथ स्वर मिलाते हुए संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने का आह्वान किया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि भले ही ईरान सैन्य रूप से मजबूत स्थिति में हो, लेकिन दीर्घकाल में यह केवल कमजोर होता जाएगा। यह बयान ईरान के भीतर संघर्ष के संभावित प्रभावों को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है। अध्यक्ष ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान को अपनी सैन्य ताकत पर निर्भर रहने के बजाय राजनयिक समाधानों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका मानना है कि लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष देश के संसाधनों को खत्म कर देगा और इसकी स्थिरता को खतरे में डाल देगा। यह टिप्पणी ईरान की विदेश नीति पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे सकती है, क्योंकि कुछ लोग सैन्य शक्ति पर ज़ोर देने के पक्ष में हैं। इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान सरकार के भीतर भी संघर्ष को समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ रहा है।