ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़लिबफ़ ने कहा है कि ज़ायोनी शासन निस्संदेह सभी इस्लामी देशों का “नंबर एक दुश्मन” है। उन्होंने इस्राईल के प्रति अपनी कठोर आलोचना व्यक्त की और इसे इस्लामी जगत के लिए एक मुख्य ख़तरा बताया। ग़लिबफ़ के इस बयान से ईरान और इस्राईल के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ने की आशंका है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय संघर्ष और भू-राजनीतिक जटिलताएँ बढ़ रही हैं। ईरान अक्सर इस्राईल की नीतियों की निंदा करता रहा है और फ़िलिस्तीनी लोगों के समर्थन में अपनी भूमिका को दोहराता है। इस बयान का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव पड़ सकता है, खासकर मध्य पूर्व में।