ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची ने फ्रांस जैसे देशों को विश्व को मानवाधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर उपदेश देने से रोकने के लिए कहा है। उन्होंने इस व्यवहार को “शर्मनाक पाखंड” बताया है। अराग्ची ने फ्रांस के इस रुख की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले खुद अपने रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अराग्ची ने स्पष्ट रूप से पश्चिमी देशों द्वारा ईरान पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान के रुख को दर्शाता है।