ईरान के उप विदेश मंत्री कज़ेम गरीबाबादी ने “इस्लामी प्रतिरोध दिवस” को आक्रमण के खिलाफ दृढ़ता की याद दिलाते हुए इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह दिवस बल पर आधारित गणनाओं की विफलता का प्रतीक है। यह दिन उन लोगों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने फिलिस्तीन में प्रतिरोध किया। गरीबाबादी ने जोर देकर कहा कि प्रतिरोध की भावना आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने बल प्रयोग के बजाय बातचीत और कूटनीति के महत्व पर प्रकाश डाला। यह दिवस मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए लगातार संघर्ष का प्रतिनिधित्व करता है। ईरान, प्रतिरोध के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।