ईरानी फुटबॉल के दिग्गज खोदादद अज़ीज़ी ने विश्व कप के दौरान बढ़ते तनाव के बीच शांति का संदेश दिया है। 1998 में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुए पहले विश्व कप मुकाबले में उन्होंने भाग लिया था। अज़ीज़ी का कहना है कि फुटबॉल को शांति को बढ़ावा देना चाहिए और इसे राजनीति से अलग रखना ज़रूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल का उद्देश्य देशों के बीच सद्भाव बढ़ाना होना चाहिए, न कि राजनीतिक मतभेदों को बढ़ाना। अज़ीज़ी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि खेल में एकता और समझ की भावना होनी चाहिए। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर खेल भावना का प्रदर्शन करना चाहिए। यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।