तेहरान, इरना – ईरान की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी-निया ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरानी-इस्लामी सभ्यता को नष्ट करने के उद्देश्य से ईरान के खिलाफ एक अवैध युद्ध शुरू किया। उनका कहना है कि अमेरिका अब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार रणनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगी भी अब उसकी मदद करने से इनकार कर रहे हैं। यह स्थिति अमेरिका के लिए एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि उसे अंतर्राष्ट्रीय समर्थन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। अकरमी-निया ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान अपनी रक्षा करने में सक्षम है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का मुकाबला करने के लिए तैयार है। यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जो मध्य पूर्व में अस्थिरता का कारण बन सकता है। यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है।

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