ईरान के वर्ल्ड कप के पहले मैच के अवसर पर लॉस एंजिल्स में हजारों प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना है। इनमें सारा बरहमन जैसे लोग शामिल हैं जो 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले के ईरानी झंडे का उपयोग करेंगे। इस झंडे में हरे, सफेद और लाल रंग की पट्टियों के साथ शेर और सूरज का चिन्ह अंकित है। ईरानी टीम ने चेतावनी दी है कि यदि ये बैनर स्टेडियम के अंदर ले जाए गए, तो वे न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच रोक देंगे। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस धमकी की परवाह नहीं कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन खेल के मैदान को राजनीतिक अभिव्यक्ति के मंच के रूप में उपयोग करने का एक प्रयास है। इस घटना ने खेल और राजनीति के बीच एक तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है।