कतर में शुरू हो रहे फीफा विश्व कप में ईरान की टीम के पहले मैच को लेकर अमेरिका में रहने वाले ईरानी मूल के लोगों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कई ईरानी-अमेरिकी फीफा के उस नियम से नाराज़ हैं जो क्रांति से पहले के शेर और सूरज वाले झंडे को स्टेडियमों में ले जाने से रोकता है। उनका मानना है कि यह नियम ईरान की जनता की भावनाओं का सम्मान नहीं करता। कुछ प्रशंसकों का कहना है कि यह टूर्नामेंट ईरान का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि "इस्लामी गणराज्य की टीम" है। इस विरोध के मद्देनज़र, कई ईरानी-अमेरिकी विरोध प्रदर्शन और मैच देखने के लिए एक साथ आने की योजना बना रहे हैं। वे इस अवसर का उपयोग ईरान में चल रहे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए करना चाहते हैं। यह विरोध ईरान की वर्तमान सरकार के प्रति असंतोष को दर्शाता है।
