ईरान मंगलवार को अपना पहला विश्व कप मैच खेलेगा, लेकिन इससे पहले कई सवाल उठ रहे हैं। खिलाड़ियों के वीजा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, ईरान की सरकार द्वारा मारे गए दर्जनों फुटबॉल खिलाड़ियों के बारे में फुटबॉल जगत चुप है। यह मामला विश्व कप की शुरुआत के साथ ही विवादों में घिर गया है। माना जा रहा है कि सरकार विरोध प्रदर्शनों के दौरान इन खिलाड़ियों को निशाना बना रही थी। फीफा पर भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लग रहा है। यह घटना ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर भी सवाल खड़े करती है। विश्व कप के दौरान इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।