तेहरान, 22 जून (MNA) – ईरान के सर्वोच्च नेता के एक प्रमुख सलाहकार, सैयद मुज्तबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित सहमति पत्र को अमल में न लाया गया, तो पश्चिम एशिया में ऊर्जा प्रवाह रुक जाएगा। उन्होंने इस समझौते को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रखने के परिणामों पर चिंता व्यक्त की है। सलाहकार के अनुसार, इस समझौते का कार्यान्वयन क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यदि यह समझौता विफल रहता है, तो इससे पूरे क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति में गंभीर व्यवधान आ सकता है। यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है, और इस समझौते के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा करता है। इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा बाजारों को सुरक्षित रखना है।