ईरान में युद्ध शुरू हुए छह महीने हो चुके हैं, और इस वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। रॉयटर्स की गणना के अनुसार, 2026 तक दुनिया के तेल का लगभग आधा हिस्सा उन देशों से आएगा जो संघर्ष से प्रभावित हैं। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों ने अब तक का सबसे बड़ा तेल आपूर्ति संकट पैदा कर दिया है, जिसका कोई स्पष्ट समाधान नहीं दिख रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भी उत्पादन और रिफाइनिंग में कटौती हुई है, जिसका असर पड़ोसी कजाकिस्तान पर भी पड़ा है। वर्तमान व्यवधान पिछले ऊर्जा संकटों से भी अधिक गंभीर हैं। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजारों को अस्थिर कर सकती है और तेल की कीमतों में और वृद्धि कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का तत्काल समाधान मुश्किल है।