अमेरिका ने ईरान पर अपने प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ा दिया है। इस कदम के जवाब में ईरान ने कड़ी जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह अमेरिकी हितों को निशाना बना सकता है। साथ ही, ऊर्जा आपूर्ति के महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों (चोकपॉइंट्स) पर हमले की आशंका जताई गई है। इस तनाव के बीच चीन ने दबाव की राजनीति का विरोध किया है। वैश्विक तेल बाजार अब और अधिक अस्थिरता के लिए तैयार हो रहा है। इस भू-राजनीतिक संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।