ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद-रेजा आरफ ने देश के अडिग रुख को स्पष्ट किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने कभी भी अपनी 'रेड लाइन्स' और राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता नहीं किया है। आरफ के अनुसार, किसी भी बातचीत या वार्ता के दौरान देश ने अपने बुनियादी सिद्धांतों से पीछे हटने का काम नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समर्पण करना ईरानियों के स्वभाव में नहीं है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की मजबूती और संप्रभुता को प्रदर्शित करता है। उपराष्ट्रपति ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि है। यह वक्तव्य ईरान की विदेश नीति और कूटनीतिक दृढ़ता को रेखांकित करता है।
