ईरान द्वारा सीआईए ठिकानों पर ड्रोन हमलों के बाद, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां रूस की संभावित भूमिका की जांच कर रही हैं। संदेह है कि रूस ने ईरान को लक्ष्यों की जानकारी या उन्नत ड्रोन तकनीक प्रदान की हो सकती है। यह जांच 'कोमेटा-एम' सिस्टम से संभावित संबंध पर भी केंद्रित है। चार सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि ये हमले खाड़ी क्षेत्र में सीआईए की सुविधाओं पर किए गए थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या रूस ने ईरान को सटीक निशाना साधने में मदद की। इस मामले से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है और यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। जांच अभी भी जारी है और ठोस निष्कर्ष आने बाकी हैं।