स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ताओं की सफलता या असफलता, उन अभिनेताओं पर निर्भर करती है जो बातचीत की मेज पर मौजूद नहीं हैं: इजराइल और हिजबुल्लाह। Ormuz जलडमरूमध्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण ये वार्ता, अप्रत्यक्ष रूप से इन दोनों समूहों से प्रभावित हैं। माना जा रहा है कि इजराइल और हिजबुल्लाह के कदम, ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी समझौते को प्रभावित कर सकते हैं। यह स्थिति मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक जटिलताओं को और बढ़ा देती है। विश्लेषकों का कहना है कि इन क्षेत्रीय कारकों को नजरअंदाज करना, वार्ताओं को पटरी से उतार सकता है। Litani नदी का उल्लेख इस संदर्भ में लेबनान में हिजबुल्लाह की उपस्थिति और प्रभाव को दर्शाता है, जो इजराइल के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। इसलिए, एक स्थायी समाधान के लिए इन सभी पक्षों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
