ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता बहुत ही सामान्य और अस्पष्ट है। जॉर्ज रोड्रिग्स के अनुसार, समझौते को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक शर्तें मौजूद हैं, भले ही छोटी-मोटी झड़पें जारी रहें। रोड्रिग्स का यह भी कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी इजराइल के संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी राय मायने रखती है। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन इसकी सफलता अभी भी अनिश्चित है। समझौते में विशिष्ट विवरणों की कमी के कारण इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, यह देखा जाना बाकी है कि यह समझौता वास्तव में शांति की ओर ले जाता है या नहीं। ट्रंप के संभावित हस्तक्षेप की संभावना भी समझौते के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।