वाशिंगटन और तेहरान के बीच शनिवार को हुए विरोधाभासी बयानों के बाद तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच होने वाले शांति समझौते के हस्ताक्षर पर अब गंभीर संदेह जताया जा रहा है। इस रणनीतिक समझौते का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक ओर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना था। इसके साथ ही, इस समझौते के जरिए मध्य पूर्व में जारी शत्रुता को समाप्त करने की योजना थी। वर्तमान में बातचीत के कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदु भी चर्चा के अधीन हैं। हालांकि, हालिया घटनाक्रमों ने इस राजनयिक प्रक्रिया की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या दोनों पक्ष किसी सहमति पर पहुँच पाएंगे।