ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के कारण वैश्विक बाजारों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। तेल की कीमतों में गिरावट आई है और अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे उभरते बाजारों के शेयरों और मुद्राओं को समर्थन मिल रहा है। कैन्ड्रियाम के उभरते बाजारों के प्रमुख, पाउलो सालजार के अनुसार, यह स्थिति इन बाजारों के लिए अनुकूल है। उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक जोखिम कम होने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। इस माहौल में, उभरते बाजारों में निवेश आकर्षक हो गया है। सालजार का मानना है कि यह रुझान निकट भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है, जिससे इन बाजारों में और अधिक वृद्धि हो सकती है। निवेशकों को अब इन बाजारों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल रहा है।