ईरान और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद लेबनान में हिजबुल्लाह की स्थिति मजबूत होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, तेहरान अब अपने इस सहयोगी समूह को अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। यह आर्थिक मदद हिजबुल्लाह को युद्ध के दौरान हुए भारी नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगी। इससे समूह की राजनीतिक पकड़ भी और अधिक मजबूत होगी। यह स्थिति इज़राइल के लिए एक बड़ा झटका हो सकती है, क्योंकि इज़राइल ने 2024 के युद्ध में इस समूह को भारी नुकसान पहुँचाया था। इज़राइल लगातार तेहरान के लिए प्रतिबंधों में ढील देने का विरोध कर रहा है। इस प्रकार, यह समझौता हिजबुल्लाह को पुनः संगठित होने का अवसर प्रदान करेगा।