ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद डॉलर 10 दिनों में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। इस समझौते के तहत ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए फिर से खोलने की बात कही जा रही है। इस खबर के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, क्योंकि ईरान से तेल का निर्यात फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। तेल की कीमतों में गिरावट से जोखिम वाली संपत्तियां मजबूत हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद है और वैश्विक व्यापार में सुधार हो सकता है। फिलहाल, बाजार इस समझौते के विवरण और इसके कार्यान्वयन पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।