ईरान और अमेरिका ने ल्यूज़र्न झील सम्मेलन के बाद युद्धविराम समझौते पर सहमति जताई है। इस समझौते के तहत, 60 दिनों का युद्धविराम और बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ईरानी मीडिया के अनुसार, लेबनान युद्ध को समाप्त करने के लिए गठित होने वाले तंत्र में इजराइल का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा, जबकि ईरान इसमें शामिल होगा। इजरायली मीडिया का कहना है कि इजरायली सेना समझौते के अनुसार कब्ज़ा किए गए क्षेत्रों से हटने पर विचार कर रही है। यह समझौता लेबनान में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। फिलहाल, इजराइल की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करना है।