पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता के विवरण सार्वजनिक किए हैं। उनके अनुसार, ईरान यूरेनियम निर्यात करने के बजाय अपने यूरेनियम संवर्धन के स्तर को कम करने पर सहमत हुआ है। इस समझौते के क्रियान्वयन के लिए तीन तकनीकी कार्य समूह बनाए गए हैं। ये समूह परमाणु मुद्दे, जमे हुए संपत्ति और लेबनान से संबंधित मामलों पर काम करेंगे। यह कदम परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। पाकिस्तान ने इस प्रक्रिया में मध्यस्थता की भूमिका निभाई है। वार्ता का उद्देश्य सभी पक्षों के लिए एक स्थायी समाधान खोजना है।