ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौते की रूपरेखा तैयार हो गई है जिसके तहत ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को नष्ट करने पर सहमत हो गया है। इस समझौते के तहत, अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और 300 अरब डॉलर का एक कोष स्थापित करने पर विचार कर रहा है। दोनों देशों को इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है। यह समझौता लेबनान में चल रहे संघर्षों के समाप्त होने के साथ ही सामने आया है। समझौते में कुल 14 बिंदु शामिल हैं, जिनमें यूरेनियम का विनाश एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इस समझौते के अंतिम परिणाम का क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है।
