स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद ईरान की 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति को जारी करने पर सहमति बन गई है। ईरान के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने यह जानकारी दी है। रॉयटर्स के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संपत्ति अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण अवरुद्ध कर दी गई थी। अब, इस धन का उपयोग ईरान द्वारा मानवीय सहायता और अन्य गैर-प्रतिबंधित उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा। इस समझौते से ईरान की अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, समझौते के विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
