ईरान ने हर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते (MOU) के लागू होने के बाद उठाया गया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति स्थापित करना और परमाणु वार्ता शुरू करना था। ईरान का यह कदम परमाणु वार्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है। समझौते के तहत, दोनों देशों ने संघर्ष को कम करने और राजनयिक समाधान खोजने पर सहमति व्यक्त की थी। हालांकि, ईरान की इस धमकी से समझौते की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, को बंद करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इस स्थिति पर अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।