ईरान और अमेरिका के बीच होने वाला संभावित समझौता अब अनिश्चितता के घेरे में है। तेहरान ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली हमलों की कड़ी आलोचना की है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागर गालिबफ ने इस तनावपूर्ण स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की इच्छा या क्षमता नहीं है, तो आगे बढ़ने का कोई आधार नहीं बचता। इस बयान से संकेत मिलता है कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने राजनयिक प्रयासों को बाधित किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत का भविष्य अधर में लटका हुआ है। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को और अधिक गंभीर बना रहा है।