ईरान पर अमेरिका द्वारा लगातार तेरहवें हमले किए गए हैं। हूती विद्रोहियों, जो ईरान के सहयोगी हैं, ने लाल सागर में हमलों का दावा किया है, जिससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के हमलों में सहायता करने वाला कोई भी देश, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो भी देश अमेरिका के साथ “भाग लेगा, सहयोग करेगा या सहायता करेगा” उसे इसका परिणाम भुगतना होगा। इस स्थिति से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है। ये हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।